July 12, 2021

ई-पाठशाला के माध्यम से समस्त बच्चों तक पहुंचेगी स्कूली शिक्षा

ई-पाठशाला के माध्यम से समस्त बच्चों तक पहुंचेगी स्कूली शिक्षा

रिपोर्ट ऋषि मिश्रा


बछरावां रायबरेली। प्राथमिक शिक्षा सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है। यह वह प्रकाश है जो बालक की मूल प्रवृत्तियों का परिमार्जन कर उसे आदर्श, संस्कारवान तथा संतुलित व्यक्तित्व प्रदान करती है। बालक के उज्जवल शैक्षिक भविष्य के निर्माण में प्राथमिक शिक्षा की विशेष भूमिका होती है। यह मानव मात्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।कोरोना काल में जब प्राथमिक विद्यालय बंद चल रहें है तब सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई विगत एक वर्ष से ऑन लाइन घर पर ही हो रहीं है तथा कुछ ग्रामीण क्षेत्र के बच्चें एंड्रायड फोन के अभाव में शिक्षा से वंचित भी रहें है।इसी क्रम में मिशन प्रेरणा के अंतर्गत नोबल कोरोना महामारी को दृष्टिगत रखते हुए राज्य परियोजना कार्यालय उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा ई-पाठशाला फेज़-4 कार्यक्रम प्रदेश के बेसिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा की धारा से जोड़े रखने के लिए वर्तमान में दूरदर्शन / यू-यूब के माध्यम से संचालित किया जा रहा है इस ई-पाठशाला के प्रभावी क्रियान्वयन में जन-समुदाय का सहयोग होना नितान्त आवश्यक है। बिना शिक्षा के कुछ भी संभव नहीं है यह तभी संभव है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा के प्रकाश को पहुंचाया जा सकें।वैश्विक महामारी कोरोना में जहां पूरे विश्व में भारी जन धन की हानि की है वहीं पूरी दुनिया की जीवन शैली में बड़ा बदलाव ला दिया है।शिक्षा जगत भी इससे पूर्ण प्रभावित हुआ है जिससे नतीजन शिक्षण विधियों में बड़े परिवर्तन आए है।शिक्षाविदों के बीच लाभ हानि के विभिन्न तर्कों के बावजूद ऑनलाइन शिक्षा पद्धति बहुपयोगी साबित हुई लेकिन अब भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस शिक्षा पद्धति से ज्ञान को पहुंचा पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है।आर्थिक रूप से कमजोर,परिवारों के पास एंड्रायड मोबाइल उपलब्ध ही नहीं है ऐसे में राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रेरणा साथी की योजना बनाई है जिससे गांव गांव गली गली पाठशाला की लौ को जलाया जा सकेगा।कक्षा ०१से०८ तक के बालक/बालिकाओं २०अप्रैल से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मिशन प्रेरणा की ई पाठशाला कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है इसके पहले दूसरे व तीसरे चरण में विविध माध्यमों जैसे दूरदर्शन आकाशवाणी व्हाट्सअप आदि के माध्यम से बच्चों तक शैक्षिक सामग्री पहुंचाई गई।अब चौथे चरण में प्रेरणा सारथी के माध्यम से विभाग ई पाठशाला की नई गतिविधियां शुरू करने जा रहा है। प्रेरणा साथी का चयन उन लोगों का किया जाएगा जिनके पास एंड्रायड फोन होगा और वह अपने आस पास के बच्चों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध करने में रुचि लेंगे।प्रेरणा सारथी का पंजीयन विद्यालय के प्रधानाध्यापक की मदद से किया जाएगा।प्रेरणा सारथी पर अपने नजदीक ऐसे बच्चों की मदद करने की जिम्मेदारी होगी जिनके ई पाठशाला में मदद की आवश्यकता होगी।वह अपना एंड्रायड फोन में प्रेषित शैक्षिक सामग्री देखने एवम् उन्हें पढ़ाने हेतु समय बच्चों के बीच में अवश्य देंगे।शासन के निर्देशों के तहत शैक्षिक सपोर्ट के लिए नियुक्त एआरपी सुरेश कुमार आशीष गौतम एवम् पुष्पावती के द्वारा बेपटरी हो चुकी ब्लॉक की प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था में सुधार हेतु काफी प्रयास किए जा रहें है लेकिन इनके प्रयास से शिक्षा व्यवस्था में कोई परिवर्तन दिखेगा इस में अभी संदेह है क्योंकि अभी भी शासन के निर्देशों के विपरीत आधा दर्जन से अधिक शिक्षक कई महीनों से अपने अपने विद्यालय न जाकर कार्यालय में ही जमें है। इन शिक्षकों के ऊपर महानिदेशक स्कूली शिक्षा का कोई भी आदेश लागू नहीं होता।इनमें से कुछ शिक्षक ऐसे भी है जो केवल कार्यभार ग्रहण करने के लिए ही विद्यालय गए थे उसके बाद वह आज तक विद्यालय गए ही नहीं। ऐसे में चापलूसी करने वाले शिक्षकों की पौ बारह हो रही है तथा कुछ ही कर्मठ एवम् सुयोग्य शिक्षक ही अपने-अपने विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों को गुर्णवत्ता परक ऑन लाईन शिक्षा प्रदान कर रहें है।
मोहल्ला कक्षाओं की चर्चा करते हुए क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि अभी कोरोना महामारी की समस्या से निजात नहीं मिली है।गावों के बच्चों को बिनामास्क के मोहल्लों में जाकर पढ़ाने से अच्छा है कि सरकार बच्चों हेतु विद्यालय ही खोल दें।

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