September 11, 2021

चुनाव की हलचल तेज,लखनऊ के बाद रायबरेली में बैठक करेंगी प्रियंका

चुनाव की हलचल तेज,लखनऊ के बाद रायबरेली में बैठक करेंगी प्रियंका

मनीष अवस्थी


रायबरेली। उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस जोर-शोर से जुटी हुई है।विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के कंधों पर हैं।चुनाव को लेकर प्रियंका लगातार यूपी का दौरा कर बैठकें कर रही हैं कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले रायबरेली कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अपने दो दिवसीय दौरे पर कल रायबरेली पहुचेंगी। लखनऊ रायबरेली बॉर्डर स्थित चूरूवा हनुमान मंदिर पर वो दर्शन करेंगी उसके बाद वही से अपने भुवेमऊ गेस्ट हाउस के लिए रवाना होंगी। रास्ते मे बछरांवा,हरचंदपुर, शहर में उनके स्वागत का कार्यक्रम किया जायेगा।

कांग्रेस सांसद प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा ने बताया कि महासचिव प्रियंका गांधी कल रायबरेली पहुचेंगी ज़िले में चल रहे संगठन सृजन के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगी। प्रदेश स्तर से लेकर ज़िले तक के सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी उसके बाद कांग्रेस के सभी जीते ज़िला पंचायत सदस्यों से मुलाकात करेंगी अगर कोई अन्य पार्टी से ज़िला पंचायत सदस्य आना चाहता है तो उसका भी स्वागत है। जिले सभी समाजिक संगठनों से मुलाक़ात करेंगी दूसरे दिन यानी 13 अगस्त को खुला दरबार लगाया जाएगा जिसको भी मिंलन है वो भुवेमऊ गेस्ट हाउस आकर मिल सकता है। उसके बाद वो गांवों का भ्रमण करते हुए लखनऊ निकल जाएंगी। जब सांसद प्रितिनिधि किशोरी लाल शर्मा से विधानसभा चुनाव में रायबरेली के प्रत्यशियों के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस बार प्रत्याशियों की जिम्मेदारी ज़िले संगठन को दी गयी है संगठन जिसको भी लड़ना चाहेंगी उसी को टिकट दिया जायेगा। जिसको लेकर कांग्रेस संगठन लगातार कार्यरत है। यूपी में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए यूपी के 40 जिलों में प्रतिज्ञा यात्रा निकाला जायेगा रायबरेली में प्रतिज्ञा यात्रा निकालने को लेकर रायबरेली कांग्रेस कमेटी पूरी तरह तैयार है।

महासचिव प्रियंका गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान होने वाली बैठकों में सदर सीट से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह, हरचंदपुर विधायक राकेश सिंह को नही बुलाया जायेगा। शर्मा जी ने बताया कि वो अदिति सिंह और राकेश सिंह कांग्रेस से विधायक तो है पर अब वो पार्टी के साथ नही है। ज़िले में दूसरी पार्टी का गुणगान जरूर गा रहे है लेकिंन कोर्ट में हलफनामा देते है कि वो कांग्रेस के विधायक है। विधानसभा और कोर्ट में तो कांग्रेस का विधायक के रूप में बैठते है अगर अभी इनकी नैतिकता बची है तो इस्तीफा क्यों नही दे रही है अभी भी चुनाव के 5 महीने बचे है इस्तीफ़ा देकर चुनाव लड़े तब उनको जनता जवाब देंगी।

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