October 31, 2021

रात्रि 10 बजे के बाद आतिशबाजी/पटाखों का प्रयोग नहीं किया जाए: डीएम

रात्रि 10 बजे के बाद आतिशबाजी/पटाखों का प्रयोग नहीं किया जाए: डीएम

मनीष अवस्थी


रायबरेली। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने निर्देश देते हुए बताया है कि दीपावली का त्योहार सन्निकट है। इस हेतु आवश्यक है कि आतिशबाजी के सम्बन्ध में सभी सुरक्षात्मक उपाय करते हुए यह सुनिश्चित किया जाय कि पटाखों के विनिर्माण, विक्रय व आतिशबाजी के समय किसी प्रकार की दुर्घटना घटित न होने पाये ताकि किसी भी प्रकार की सम्भावित जन-धन हानि को रोका जा सके। दीपावली के पर्व पर जनपद में स्थायी तथा अस्थायी लाइसेंस धारियों द्वारा पटाखों का भण्डारण एवं विक्रय किया जाता है। लाइसेन्स की शर्तों का शत प्रतिशत अनुपालन न करने तथा असावधानी के कारण कभी-कभी बड़ी दुर्घटनाएं घटित होती हैं, जिसके कारण जन-धन की हानि होती है। पुलिस तथा अग्निशमन विभाग की देख-रेख में विस्फोटक नियम 2008 के सुसंगत नियमों एंव कोविड-19 के नियमों का पालन सुनिश्चित कराते हुए ही उक्त दुकानें लगाई जाय। इस सम्बन्ध में शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन भी कराया जाये।
पटाखों के दगाने के स्थान से 4 मीटर की दूरी पर 125 डी0बी0 (ए0आई0) अथवा 145 डी.बी. (सी0) पी.के. से अधिक ध्वनि तीव्रता उत्पन्न करने वाले पटाखों का उत्पादन एवं बिक्रय निषिद्ध किया जाता है। सायं 08 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अवधि को छोड़कर पटाखें/आतिशबाजी के प्रयोग की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी और रात्रि 10 बजे के बाद आतिशबाजी/पटाखों का प्रयोग नही किया जाएगा। शान्त क्षेत्र में किसी भी समय पटाखें नही छोड़े जाऐगें। शान्त क्षेत्र अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय, धार्मिक स्थल या सक्षम प्राधिकारी द्वारा घोषित अन्य किसी क्षेत्र से 100 मीटर की परिधि का क्षेत्रफल होगा। क्लोरेडयुक्त आतिशबाजी सामग्री जैसे रंगीन/तारा बत्तियां एवं रोल/डाट कैप्स को दुकान में न रखें न बेचें जाये। यदि 18 वर्ष की आयु के बच्चों के साथ वयस्क व्यक्ति न हो तो उनको आतिशबाजी न बेंचे। दुकान के अन्दर आतिशबाजी एवं ग्राहकों की भीड़ एकत्रित न होने दें एंव कोविड-19 के नियमों का अनुपालन सुनिचित किया जाये। दुकान में कोई खुली आतिशबाजी न रखें/न प्रदर्शित करें।
आतिशबाजी को कब्जे में रखने एवं विक्रय के दौरान धूम्रपान की अनुमति न दें अथवा कोई खुली लैम्प, लालटेन, मोमबत्ती आदि न रखें। पर्याप्त संख्या में अग्निशामक एवं बालू से भरी बाल्टियां उपलब्ध रखें। ढीले-ढाले कनेक्शन वाले विद्युत लाइट का प्रयोग न किया जाये। सुरक्षा के हित में दुकान के सामने आतिशबाजी के डिब्बे (खाली या भरे) एकत्रित न किये जाय। “बच्चों को पटाखे नहीं चाहिए का नारा बुलंद करने के लिये प्रोत्साहित किया जाय। विदेशी आतिशबाजी का क्रय-विक्रय नहीं किया जायेगा।

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