September 20, 2021

रायबरेली: पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पहुंचे राजपाल कश्यप, फूलनदेवी की मूर्ति पर सियासत शुरू

रायबरेली: पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पहुंचे राजपाल कश्यप, फूलनदेवी की मूर्ति पर सियासत शुरू

मनीष अवस्थी


रायबरेली। फूलन देवी की मूर्ति को लगाने के लिए शियासी रार शुरू हो चुकी है। जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी फूलन देवी की मूर्ति पर राजनीति शुरू कर दी है और उसे योगी जी के क्षेत्र में भी लगवाने की बात कही है वहीं दूसरी तरफ हिंदू युवा वाहिनी व करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फूलन देवी की मूर्ति ना लगाने देने की खुली चुनौती दी है । पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा जिस तरह वीरांगना फूलन देवी की मूर्ति भाजपा नहीं लगाने दे रही है अगर हमारी सरकार आई स्मारक के साथ-साथ जगह-जगह उनकी मूर्ति लगाई जाएगी। ऊंचाहार के कंधारीपुर गांव में फूलन देवी की मूर्ति लगाने को लेकर प्रशासन से अनुमति नही ली गयी। जिसके कारण प्रशासन ना लगाने के लिए सख्त हो गया था।

ऊंचाहार थाना क्षेत्र के खंधारी पुर गांव में केवट समाज व समाजवादी पार्टी द्वारा दस्यु सुंदरी फूलन देवी की मूर्ति लगाने की बात कही गई थी लेकिन प्रशासन से अनुमति न लेने के कारण प्रशासन का रवैया सख्त हो गया और मूर्ति ना लगने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई। वही ग्राम समाज में अवैध रूप से निर्मित चबूतरे को भी प्रशासन द्वारा ढहवा दिया गया । इसी पर समाजवादी पार्टी राजनीति करते हुए मूर्ति लगाने के स्थल से एक किलोमीटर पहले पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करवा दिया और उसमें भाजपा पर निशाना साधते हुए केवट समाज वा पिछड़ा वर्ग की जातियों को अपनी ओर खींचने का प्रयास किया गया । पुलिस प्रशासन की सख्ती व युवा हिंदू युवा वाहिनी और करणी सेना के हुंकार के बाद समाजवादियों ने पलटी मार ली और फूलन देवी की मूर्ति लगाने की बात कहते हुए भाजपा पर ही निशाना साधा।

राजपाल कश्यप ने कहा यदि हमारी सरकार आएगी तो वीरांगना फूलन देवी की मूर्ति जगह जगह लगेगी और उनका स्मारक बनेंगा। इतना ही नहीं कश्यप ने योगी जी के गढ़ गोरखपुर में भी फूलन देवी की मूर्ति लगाने की बात कहते हुए सीधे योगी जी को चुनौती दी कि मूर्ति वही लगवाएंगे जिसको जो करना है वह कर ले।

इस तरह कश्यप ने फूलन देवी की मूर्ति के नाम पर पिछड़ों को एक करने व भाजपा पर पिछड़ों की अवहेलना करने की राजनीति का आरोप लगाया । राजपाल कश्यप ने कहा भाजपा फूलन देवी की मूर्ति लगाने पर आपत्ति कर रही है। पुलिस प्रशासन को आगे कर रही है जबकि सदन में वीर सावरकर की फोटो लगाई गई है । वीर सावरकर भारत की आजादी के समय जासूसी का काम करते थे। भाजपा गोडसे, वीर सावरकर जैसे लोगों की ही मूर्ति लगाएगी। भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए श्री कश्यप ने कहा कि भाजपा पिछड़ों व दलितों का अपमान कर रही है जिस तरह फूलन देवी की मूर्ति नहीं लगाने दिया गया उसे साबित हो गया कि भाजपा पिछड़ा वर्ग व दलित विरोधी है यदि हमारी सरकार आएगी जातिगत जनगणना करके आरक्षण दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप भाजपा पर निशाना साधते हुए पिछड़ों व दलितों को सपा में लाने की पुरजोर कोशिश की।

मंच से खुलेआम ऐलान किया कि भाजपा दलित व पिछड़े वर्ग की विरोधी है अगर स्वार्थ निहित है तो वह समाजवादी पार्टी में है। फूलन देवी की मूर्ति लगाने की तो न प्रशासन से अनुमति ली गई थी और ना ही किसी ने औपचारिक घोषणा की थी लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता उसे राजनीति का मुद्दा बनाकर भुनाना चाह रहे है और वही समाजवादी पार्टी के नेता राजपाल कश्यप और मनोज पांडे का मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्ग को इकट्ठा करके उन्हें संबोधित करना था। लेकिन मुद्दा फूलन देवी की मूर्ति का इसलिए बनाया कि वह चर्चा में आए और लोग उनकी तरफ आकृष्ट हो फिलहाल जिस तरह समाजवादी पार्टी आगामी 2022 के चुनाव के लिए हथकंडे अपना रही है इसका परिणाम चुनाव में ही दिखेगा।

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