October 6, 2021

विचारधारा ना मिले तो पार्टी छोड़ना ही उचित होता है : हितेंद्र बहादुर सिंह

विचारधारा ना मिले तो पार्टी छोड़ना ही उचित होता है : हितेंद्र बहादुर सिंह

मनीष अवस्थी


लखीमपुर घटना में जाने वाले राजनीतिक पार्टियां सिर्फ दिखावटी स्टंट कर रही हैं


रायबरेली। एक सच्चे नेता का कर्तव्य होता है कि वह समाज में रहकर सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें और अपने क्षेत्र की जनता के सुख दुख में शामिल हो उसके साथ ही अगर वह किसी पार्टी से जुड़ा हुआ है अगर उस पार्टी से उसकी विचारधारा ना मेल खाती हो तो पार्टी छोड़ना ही उसके लिए उचित होता है यह बातें प्रेस कॉन्फस में आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव हितेंद्र बहादुर सिंह ने कही उन्होंने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ते हुए अपनी विचारधारा प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सामने रखी उनका कहना था कि अगर पार्टी के साथ आप की विचारधारा नहीं मिल रही है तो पार्टी से त्यागपत्र देना ही आपके लिए उचित होता है क्योंकि आपके लिए सबसे पहले आपका समाज और समाज के वह लोग शामिल हैं जिनके लिए आप कुछ करना चाहते हो और वो मैं पार्टी में रहते हुए नहीं कर पा रहा था। वही लखीमपुर घटना के बारे में भी उनका कहना था कि यूपी सरकार ने जो फैसला लिया की घटना के समय अगर सभी राजनीतिक पार्टियां वहां जाएंगी तो इससे माहौल और ही बिगड़ सकता है अगर आपको राजनीति करनी है तो आप जहां पर हैं वहां से भी राजनीत कर सकते हैं किसानों के प्रति आपकी संवेदना है तो आप वहां से भी व्यक्त कर सकते हैं बाकी जो किसानों के साथ हुआ वह गलत हुआ है उसका मैं भी समर्थन करता हूं। वही आम आदमी पार्टी को छोड़ने पर जब उनसे सवाल किया गया तो उनका जवाब था समुद्र वैसे तो बहुत विशाल होता है जब एक आम आदमी वहां पर पहुंचता है तब उसको आभास होता है कि नहीं समुद्र कितना गहरा है। उन्होंने कहा फिलहाल मैं किसी पार्टी में नहीं जा रहा हूं मैं सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लूंगा और क्षेत्र की जनता

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